वो मदहोश था दुनिया की बहारों में कुछ यूँ,
कि उसको कभी मेरा ख़याल आया ही नहीं,
हम देखते रहे पीछे मुड़-मुड़ दूर तलक,
उसने तब भी हमें वापस बुलाया ही नहीं...
-विशाल.....
कि उसको कभी मेरा ख़याल आया ही नहीं,
हम देखते रहे पीछे मुड़-मुड़ दूर तलक,
उसने तब भी हमें वापस बुलाया ही नहीं...
-विशाल.....
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