तुम हो तो सब सिलसिले अच्छे लगते हैं,
मुझे तुम्हारी चाहत के गिले अच्छे लगते हैं,
बहुत दूर तक जाना.......मगर लौट आना,
मुझे तुमसे तुम्हीं तक फासले अच्छे लगते हैं...
-विशाल...
मुझे तुम्हारी चाहत के गिले अच्छे लगते हैं,
बहुत दूर तक जाना.......मगर लौट आना,
मुझे तुमसे तुम्हीं तक फासले अच्छे लगते हैं...
-विशाल...
wah....bahut khub vishalji...mujhe tum se tumhi tak ke faasle achhe lagte hain....umda....
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