ऊपर वाले को भी नहीं पसंद सख्ती बयान में,
इसीलिए नहीं दी उसने कोई हड्डी जुबान में|
जब भी कुछ बोल, बड़ा सोच समझ कर बोल,
ये वो तीर है जो कभी लौटता नहीं कमान में|
अपनी हर बात को ये दुनिया गौर से सुने-माने,
आ चल पैदा करें वो खनक अपने ईमान में|
----------------विशाल
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