चिराग.......
Friday, 27 July 2012
किसी से क्या कहूँ, अब कुछ समझ ही नहीं आता,
जिसे पाला अपना समझ, वो ही मुझको डस गया|
हम रावण से लड़ने में उलझे रहे जीवन भर,
जिसे राम समझे थे, वही जा लंका में बस गया|
------------------विशाल
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